The Diary of Discipline — Plan your day. Be on track.

Our story

Our Story

एक aspirant ने बनाई, aspirants के लिए।

हर किसी की journey एक जैसी नहीं होती। कुछ लोगों को अपने सपने जल्दी मिल जाते हैं, कुछ को उनके लिए थोड़ा ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है। शायद मेरी कहानी भी उन्हीं में से एक है।

मेरा नाम अनुभव है। मैं 24 साल का हूँ और आज भी एक aspirant हूँ। मेरा सपना है दिल्ली पुलिस की वर्दी पहनना।

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मेरे पिता का भी कभी पुलिस की वर्दी पहनने का सपना था, लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों के कारण वह सपना पूरा नहीं हो पाया। शायद उसी सपने की एक झलक मैंने उनकी आँखों में देखी और कहीं न कहीं उसे अपना बना लिया।

मैंने Government School और Government College से पढ़ाई की। मैं कोई extraordinary student नहीं था। अपनी preparation के दौरान मैंने failures भी देखे—Delhi Police Constable में असफल हुआ, SSC GD में final merit तक जाकर बाहर हुआ और SSC CPO में medical stage पर बाहर हुआ। लेकिन मैंने तैयारी नहीं छोड़ी।

इसी journey में मुझे एक चीज़ लगातार महसूस हुई—मैं अपने daily targets तो बनाता था, लेकिन उन्हें consistently track नहीं कर पाता था। और जब कोई target पूरा नहीं होता, तो मैं खुद से यह सवाल नहीं पूछ पाता था कि “क्यों नहीं हुआ?”

यहीं से The Diary of Discipline का idea आया।

मैंने इसे पहले अपने लिए बनाया—daily targets लिखने, उन्हें track करने, distractions को समझने, mistakes पर reflect करने और हर दिन खुद से honestly बात करने के लिए।

लगभग 100 दिनों तक इस process को follow करने के बाद मैंने अपनी preparation में एक बदलाव महसूस किया।

Discipline सिर्फ targets पूरे करने का नाम नहीं है, खुद को समझने का भी नाम है।

The Diary of Discipline उसी journey से निकली है।

मैं अभी भी अपनी journey पर हूँ। शायद आप भी हैं।

आइए, अपने अगले 180 दिनों को थोड़ा और consciously जिएँ।

अनुभव24 साल · आज भी एक aspirant · Study With Anubhav